(मोदी के मंत्री प्रताप सारंगी के पास ना अपना मकान है और ना परिवार, जानें, 'ओडिशा के मोदी' के बारे में सबकुछ)
साहित्य परिषद् को भी गौरव प्राप्त हुआ कि मुझे साहित्य परिषद् के प्रतिनिधि के रूप में भारत के महामहिम राष्ट्रपति जी के द्वारा इस ऐतिहासिक शपथ-ग्रहण हेतु निमंत्रण प्राप्त हुआ। विशिष्ट-निमंत्रण-पत्र द्वारा मैं इस समारोह का हिस्सा बना। कार्यक्रम में अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्ष एवं प्रतिनिधि भी कार्यक्रम की शोभा थे। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह से जुड़े इफ्फी के सदस्य कलाकार एवं मेरे अन्य फिल्ममित्र भी इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बने। मेरे फिल्म मित्र जिनमें सर्वश्री बोनी कपूर, पूनम ढिल्लो, मधुर भंडारकर,कपिल शर्मा,विवेक ओबराय, जे ओमप्रकाश, कंगना रौनावत, अनेक प्रदेशों के मुख्यमंत्री, मेरे विशिष्ट साहित्यकार मित्र एवं प्रसिद्ध पत्रकार प्रतीक जी(भैया जी कहिन)भी इस ऐतिहासिक समारोह के साक्षी बने। सम्पूर्ण कार्यक्रम सुव्यवस्थित था| 8000 से अधिक विशिष्टजन कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सहित 57 मंत्रियों ने भी शपथ ली। कार्यक्रम के अंत में जलपान की व्यवस्था थी। इस अवसर पर अनेक धर्म संत भी उपस्थित हुए जिनमें परम श्रद्धेय परमानन्द जी महाराज, आचार्य बालकृष्ण जी से मुझे आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। यह मेरेएवं साहित्य परिषद् के लिए एक ऐतिहासिक पन्ने में दर्ज हो गया।
विशेष मंत्री सारंगी जी के बारे में जानने योग्य महत्वपूर्ण जानकारी: ओडिशा की बालासोर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर आए प्रताप चंद्र सारंगी को भी नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया है। इन्हें राज्यमंत्री का प्रभार मिला है। एकदम साधारण वेशभूषा और सामान्य जनजीवन वाले प्रताप सारंगी चुनाव जीतने के बाद से ही काफी चर्चा बटोर रहे हैं। प्रताप चंद्र सारंगी जो बालासोर से भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद है। उन्हें 'ओडिशा का मोदी' भी कहा जाता है। बताया जाता है कि मोदी जब भी ओडिशा आते हैं तो सारंगी से मुलाकात जरूर करते हैं।
इलाके पर पकड़ होने के कारण ही लगभग 13000 वोटों से जीते है प्रतापचन्द्र सारंगी, आज भी झोपड़े में रहते है। प्रताप चंद सारंगी 542 सांसदों में सबसे गरीब आर्थिक रुप से कमजोर सांसद हैं। जिनके पास मोबाइल नहीं है। झोपडी में निवास है। ग्राम पंचायत के हैंडपंप पर स्नान करते हैं। 12970 वोटों से अरबपति उम्मीदवार को हरा कर विजेता बने हैं। इन्होंने पूरा प्रचार साइकिल से किया।
सारंगी ने इसबार के लोकसभा चुनाव में ओडिशा के बालासोर से जीत हासिल की है। इन्होंने बीजू जनता दल के रविंद्र कुमार जेना को 12 हजार 956 वोट से हाराया है। लोग उन्हें ओडिशा का मोदी कहने लगे हैं।
सारंगी कई सालों से समाजसेवा में लगे हैं। उन्होंने शादी भी नहीं की है। वो रामकृष्ण मठ में साधु बनना चाहते थे। इसके लिए वो कई बार मठ भी गए थे। लेकिन जब मठ वालों को पता लगा कि उनके पिता नहीं है और उनकी मां अकेली हैं, तो मठ वालों ने उन्हें मां की सेवा करने को कहा। पिछले साल उनकी मां का देहांत हुआ है।
सिर्फ पैसों से चुनाव लड़ने के मिथक को गरीबी और ईमानदारी से ध्वस्त करने वाले प्रताप सारंगी ने उस दौर में जब पॉलिटिक्स को पैसे वाले अपने पॉकेट मे लेकर चलते हैं। करोड़ों खर्च कर अरबों कमाने का जरिया बन चुकी राजनीति में प्रताप सारंगी कई बरसों से सादगी के हस्ताक्षर बने हुए हैं। भगवा झंडा थामकर प्रताप सांरगी दो बार ओडिशा विधानसभा में बैठ चुके हैं। मगर न तो इनके पास अपना बड़ा सा मकान है। न गाड़ी है। न पुलिस की फोर्स है। टूटे हुए मकानों में अकेले रहने वाले प्रताप कभी साधु बनने चले थे, मगर सियासत की सादगी के साधक बनकर रह गए।
साहित्य परिषद् को भी गौरव प्राप्त हुआ कि मुझे साहित्य परिषद् के प्रतिनिधि के रूप में भारत के महामहिम राष्ट्रपति जी के द्वारा इस ऐतिहासिक शपथ-ग्रहण हेतु निमंत्रण प्राप्त हुआ। विशिष्ट-निमंत्रण-पत्र द्वारा मैं इस समारोह का हिस्सा बना। कार्यक्रम में अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्ष एवं प्रतिनिधि भी कार्यक्रम की शोभा थे। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह से जुड़े इफ्फी के सदस्य कलाकार एवं मेरे अन्य फिल्ममित्र भी इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बने। मेरे फिल्म मित्र जिनमें सर्वश्री बोनी कपूर, पूनम ढिल्लो, मधुर भंडारकर,कपिल शर्मा,विवेक ओबराय, जे ओमप्रकाश, कंगना रौनावत, अनेक प्रदेशों के मुख्यमंत्री, मेरे विशिष्ट साहित्यकार मित्र एवं प्रसिद्ध पत्रकार प्रतीक जी(भैया जी कहिन)भी इस ऐतिहासिक समारोह के साक्षी बने। सम्पूर्ण कार्यक्रम सुव्यवस्थित था| 8000 से अधिक विशिष्टजन कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सहित 57 मंत्रियों ने भी शपथ ली। कार्यक्रम के अंत में जलपान की व्यवस्था थी। इस अवसर पर अनेक धर्म संत भी उपस्थित हुए जिनमें परम श्रद्धेय परमानन्द जी महाराज, आचार्य बालकृष्ण जी से मुझे आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। यह मेरेएवं साहित्य परिषद् के लिए एक ऐतिहासिक पन्ने में दर्ज हो गया।
विशेष मंत्री सारंगी जी के बारे में जानने योग्य महत्वपूर्ण जानकारी: ओडिशा की बालासोर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर आए प्रताप चंद्र सारंगी को भी नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनाया गया है। इन्हें राज्यमंत्री का प्रभार मिला है। एकदम साधारण वेशभूषा और सामान्य जनजीवन वाले प्रताप सारंगी चुनाव जीतने के बाद से ही काफी चर्चा बटोर रहे हैं। प्रताप चंद्र सारंगी जो बालासोर से भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद है। उन्हें 'ओडिशा का मोदी' भी कहा जाता है। बताया जाता है कि मोदी जब भी ओडिशा आते हैं तो सारंगी से मुलाकात जरूर करते हैं।
इलाके पर पकड़ होने के कारण ही लगभग 13000 वोटों से जीते है प्रतापचन्द्र सारंगी, आज भी झोपड़े में रहते है। प्रताप चंद सारंगी 542 सांसदों में सबसे गरीब आर्थिक रुप से कमजोर सांसद हैं। जिनके पास मोबाइल नहीं है। झोपडी में निवास है। ग्राम पंचायत के हैंडपंप पर स्नान करते हैं। 12970 वोटों से अरबपति उम्मीदवार को हरा कर विजेता बने हैं। इन्होंने पूरा प्रचार साइकिल से किया।
सारंगी ने इसबार के लोकसभा चुनाव में ओडिशा के बालासोर से जीत हासिल की है। इन्होंने बीजू जनता दल के रविंद्र कुमार जेना को 12 हजार 956 वोट से हाराया है। लोग उन्हें ओडिशा का मोदी कहने लगे हैं।
सारंगी कई सालों से समाजसेवा में लगे हैं। उन्होंने शादी भी नहीं की है। वो रामकृष्ण मठ में साधु बनना चाहते थे। इसके लिए वो कई बार मठ भी गए थे। लेकिन जब मठ वालों को पता लगा कि उनके पिता नहीं है और उनकी मां अकेली हैं, तो मठ वालों ने उन्हें मां की सेवा करने को कहा। पिछले साल उनकी मां का देहांत हुआ है।
सिर्फ पैसों से चुनाव लड़ने के मिथक को गरीबी और ईमानदारी से ध्वस्त करने वाले प्रताप सारंगी ने उस दौर में जब पॉलिटिक्स को पैसे वाले अपने पॉकेट मे लेकर चलते हैं। करोड़ों खर्च कर अरबों कमाने का जरिया बन चुकी राजनीति में प्रताप सारंगी कई बरसों से सादगी के हस्ताक्षर बने हुए हैं। भगवा झंडा थामकर प्रताप सांरगी दो बार ओडिशा विधानसभा में बैठ चुके हैं। मगर न तो इनके पास अपना बड़ा सा मकान है। न गाड़ी है। न पुलिस की फोर्स है। टूटे हुए मकानों में अकेले रहने वाले प्रताप कभी साधु बनने चले थे, मगर सियासत की सादगी के साधक बनकर रह गए।





















































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