प्रस्तुत एपिसोड में एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय उर्दू अदब की शायरा अना देहलवी को प्रस्तुत कर रहे हैं। जिनकी आवाज कोयल की कुंह कुंह जैसी है जब वो ग़ज़ल गाती है तो मदहोशी छा जाती है। जो इनकी रचनाओं को कालजयी बनाती है। दिल्ली में रहती हैं। इनके गजलों में राष्ट्र प्रेम काफी भरपूर झलकता है। मंच की सिद्धस्थ शायरा हैं। इनकी रचनाएँ कितनी उत्कृष्ट है इसका प्रमाण है उनकी यह प्रस्तुत कविता।
निर्माता (अवैतनिक): प्रवीण आर्य
प्रस्तोता: अनुनीत आर्य
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